विधानसभा के डिप्टी स्पीकर ने जिला शिक्षा अधिकारी के साथ शिक्षा कार्यों की समीक्षा की

 विधानसभा के डिप्टी स्पीकर ने जिला शिक्षा अधिकारी के साथ शिक्षा कार्यों की समीक्षा की


होशियारपुर ब्यूरो पंजाब इंडिया न्यूज़ 
होशियारपुर जिला शिक्षा अधिकारी एलीमेंट्री कमलदीप कौर ने गढ़शंकर क्षेत्र के स्कूलों का दौरा कर वहां होने वाले कार्यों की समीक्षा की तथा नई दाखिला महिम को लेकर अध्यापकों को दिशा निर्देश दिए।इस दौरान उन्होंने पंजाब विधानसभा के डिप्टी स्पीकर जय कृष्ण सिंह रोड़ी से जिले में चल रही शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर चर्चा की । पंजाब विधानसभा के डिप्टी स्पीकर जय कृष्ण सिंह रोड़ी ने कहा कि पंजाब सरकार प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणीय प्रदेश बनाने के लिए तत्पर है ।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह  मान तथा शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने स्कूल ऑफ इमीनेंस खोलकर बच्चों को अपने भविष्य को सुरक्षित दिशा की तरफ ले जाने का अवसर दिया है। स्कूल आफ एमिनेंस एक नया अनुभव है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों का सर्वपक्षीय विकास को सुनिश्चित करना है। इन स्कूलों के बनने से अलग-अलग क्षेत्रों में विद्यार्थियों को निपुण बनाने और सीखने का बढ़िया अनुभव होगा। अति-आधुनिक सुविधाओं के साथ लैस यह स्कूल विद्यार्थियों को मानक शिक्षा मुहैया करवा रहे हैं।इन स्कूलों को विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग, कानून, कामर्स, यूपीएससी और एनडीए सहित पांच पेशेवर और प्रतियोगिता वाले कोर्स के लिए तैयार करने पर केंद्रित किया गया है। इन स्कूलों को विद्यार्थियों के सुरक्षा के लिए सिक्योरिटी से भी लैस किया गया है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के शौचालय और चार दिवारी के लिए ग्रांट जारी की जा रही है। और सभी स्कूलों को स्मार्ट स्कूल बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आज से कुछ साल पहले कोई सोच भी नहीं सकता था कि पंजाब के सरकारी स्कूलों में सभी सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम बनाए गए हैं इतना ही नहीं आज पंजाब के बच्चे प्राइवेट स्कूलों की बजाय सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने को प्राथमिकता दे रहे हैं ,क्योंकि वह प्रतिदिन देखते हैं कि सरकारी स्कूलों में आधुनिक तरीके से पढ़ाई करवाई जा रही है तथा वहां पर उच्च शिक्षा प्राप्त अध्यापक काम कर रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी कमलदीप कौर ने कहा कि एलिमेंट्री स्कूलों में पढ़ने वाले अध्यापकों की जिम्मेदारी सबसे अधिक होती है क्योंकि जब बच्चा उनके पास आता है तो वह पूरी तरह से कोमल होता है और अध्यापक उसे जिस ढांचे में ढाल देता है आगे जाकर बच्चा इस क्षेत्र में अपनी रोजी-रोटी कमाने के साथ-साथ अपने क्षेत्र का नाम ऊंचा करने का काम करता है।आज अभिभावकों का विश्वास भी सरकारी स्कूलों के प्रति मजबूत हुआ है।उन्होंने कहा कि अध्यापकों का यह फर्ज बनता है कि कोई भी बच्चा जो शिक्षा प्राप्त करना चाहता है वह स्कूल से बाहर ना रहे।क्योंकि जब तक ऐसा नहीं होता तब तक हम चैन से नहीं बैठ सकते ।इस मौके पर ब्लॉक नोडल ऑफीसर नरेश कुमार, जिला स्मार्ट क्लासरूम कोऑर्डिनेटर सतीश कुमार, प्रिंसिपल कृपाल सिंह, ब्लॉक नोडल ऑफिसर गुरदेव सिंह ,लेक्चर मनोज कुमार आदि भी उपस्थित थे।

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